मुरादाबाद, नवम्बर 12 -- रामगंगा विहार स्थित शिव-दुर्गा मंदिर में श्रीराम कथा का आयोजन किया गया। इसमें कथा व्यास विजय भारद्वाज ने श्रीराम की बाल लीलाओं का मनोहारी वर्णन किया। उन्होंने बताया गुरु वशिष्ठ राम को भगवान विष्णु का अवतार मान चुके थे। इसलिए वह मात्र 15 वर्ष के श्रीराम और उनके छोटे भाई लक्ष्मण को ऋषि-मुनियों को राक्षसों से बचाने के लिए मांग कर ले गए। राम ने एक ही वाण से ताड़का का वध कर अपने अवतार की पुष्टि कर दी, क्योंकि ताड़का को यह वरदान था कि उसे अवतारी भगवान ही मार सकते हैं। कथा व्यास ने श्रीराम के विवाह से लेकर सीता हरण, रावण वध और राज्याभिषेक तक का अति सुंदर प्रसंग सुनाया। व्यवस्था में पंकज शर्मा, दीपक उपाध्याय, प्रदीप गुप्ता, अनुराधा गुप्ता, स्मिता भटनागर, गुंजन शर्मा आदि शामिल रहे।

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