कन्नौज, अक्टूबर 13 -- मिरगावां,कन्नौज,संवाददाता। श्री ग्रामेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में चल रही श्रीराम कथा के आठवें दिवस, रविवार को पूज्या कनक पांडेय जी ने श्रीराम-सुग्रीव मिलन प्रसंग के माध्यम से मित्रता के आदर्श स्वरूप को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि मित्रता का आधार निःस्वार्थ प्रेम, आपसी विश्वास और समर्पण होना चाहिए। कथा के दौरान व्यास कनक पांडेय ने बताया कि सीता माता की खोज में वन-वन भटक रहे श्रीराम का हनुमान जी के माध्यम से सुग्रीव से मिलन हुआ, जहां अग्नि को साक्षी मानकर दोनों ने मित्रता का वचन दिया। इस पावन प्रसंग को प्रस्तुत करते हुए पूज्या कनक पांडेय ने कहा सच्ची मित्रता दो शरीर एक प्राण का भाव होती है। उसमें ईर्ष्या, स्वार्थ या छल-कपट का कोई स्थान नहीं होता। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज के समय में मित्रता के संबंध...