मऊ, जनवरी 12 -- मऊ, संवाददाता। नगर के जीवनराम इंटर कॉलेज छात्रावास के मैदान में चल रही नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के आठवें दिन रविवार की शाम कथावाचक रितेश जी महाराज ने रावण वध और प्रभु श्रीराम के अयोध्या वापसी पर राज्याभिषेक के भावपूर्ण प्रसंग सुनाया। कथा के दौरान पूरा पंडाल जय श्री राम के जयघोष से गुंजायमान रहा। कथावाचक ने बताया कि रावण का वध केवल एक राक्षस का अंत नहीं, बल्कि अहंकार और अधर्म की पराजय का प्रतीक है। जब तक मनुष्य के भीतर अहंकार जीवित है, तब तक वह ईश्वर को प्राप्त नहीं कर सकता। भगवान राम ने रावण के नाभि में स्थित अमृत कुंड को सुखाकर जगत को भयमुक्त किया। श्री राम ने सिद्ध किया कि शक्ति का सही उपयोग सत्य की रक्षा के लिए होना चाहिए। कथा के दौरान भजनों पर झूमते भक्तों और झांकियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। राज्याभिषेक के...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.