बदायूं, जनवरी 16 -- बिल्सी। गांव पिंडौल में आयोजित श्रीराम कथा के तीसरे दिन भगवान शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा व्यास गौरव देव शर्मा ने पाणिग्रहण संस्कार का महत्व विस्तार से समझाते हुए कहा कि यह विवाह का एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण संस्कार है। उन्होंने बताया कि पाणिग्रहण संस्कार के माध्यम से वर सार्वजनिक रूप से वधू का हाथ थामकर जीवन भर उसकी जिम्मेदारी लेने, सुख-दुःख में साथ निभाने और धर्ममय, समृद्ध जीवन जीने की प्रतिज्ञा करता है। कथा के दौरान उपस्थित श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबे रहे और पंडित गौरव देव शर्मा के प्रवचनों को ध्यानपूर्वक सुना।
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