गाज़ियाबाद, दिसम्बर 16 -- ट्रांस हिंडन, संवाददाता। ब्रिज विहार स्थित श्रीसत्यानारायण मंदिर में चल रही श्रीराम कथा के चौथे दिन भक्ति, करुणा और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा व्यास पं. श्रीकांत पाण्डेय ने प्रभु श्रीराम की बाल लीलाओं और अहिल्या उद्धार का वर्णन किया। कथा में बाल लीलाओं के माध्यम से बताया गया कि प्रभु श्रीराम का व्यवहार माता-पिता, गुरु और समाज के लिए हमेशा मर्यादित और आदर्शपूर्ण था, जो सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। अहिल्या उद्धार प्रसंग ने कथा स्थल को भावुक कर दिया। पंडित ने कहा कि अहिल्या उद्धार नारी सम्मान, करुणा और समाज में पुनर्जागरण का प्रतीक है। प्रभु श्रीराम के चरण स्पर्श मात्र से जीवन में अंधकार के बावजूद प्रकाश आता है। कथा के दौरान श्रद्धालु भावविभोर होकर प्रभु के करुणामय स्वरूप में डूबे रहें। कथा में पप्...