पिथौरागढ़, फरवरी 14 -- श्रीमद् भागवत कथा के पांचवे दिन भगवान कृष्ण की बाललीलाओं का वर्णन किया गया। इस दौरान कथा सुनने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। कथा व्यास ने भगवान की भक्ति व उसकी महत्ता की विशेष जानकारी दी। शुक्रवार को आचार्य कथाव्यास राधाकृष्ण पुनेठा ने पूतना के प्रसंग का जिक्र करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण को मारने के लिए वह कंस के कहने पर गोकुल गई थी। एक सुंदर महिला का भेष बनाकर उसने यशोदा मैया के घर में प्रवेश किया और कान्हा को खिलाने के बहाने अपने स्तनों से विषपान कराने लगी। उल्टे बालरूप भगवान श्रीकृष्ण ने ही स्तनपान करते हुए उसका वध कर उद्धार कर दिया। सभी को गौ माता की सेवा, गायत्री का जाप और गीता का पाठ अवश्य करना चाहिए। इंद्र के अभिमान की कथा बताते हुए कहा कि ब्रजवासियों ने इंद्र की पूजा छोडकर गिरिराज जी की पूजा शुरू कर दी तो ...
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