कन्नौज, जनवरी 5 -- छिबरामऊ, संवाददाता। क्षेत्र के महुआ नगला गांव में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन भक्तों ने गोवर्धन लीला का आध्यात्मिक रसपान किया। प्रसिद्ध कथावाचक संगम शास्त्री जी के श्रीमुख से गोवर्धन कथा का वर्णन सुनकर कथा पंडाल भक्ति रस में डूब गया। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं में गोवर्धन पूजा की यह कथा विशेष रूप से प्रभावशाली रही। कथावाचक ने बताया कि कैसे बाल कृष्ण ने ब्रजवासियों को इंद्र पूजा त्यागकर गोवर्धन पर्वत की पूजा करने को प्रेरित किया। इंद्र के क्रोध से हुई मूसलाधार वर्षा में कृष्ण ने अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर पूरे ब्रज को बचाया। इस लीला से इंद्र का अभिमान चूर हुआ और उन्होंने कृष्ण की शरण ली। कथा के दौरान गोवर्धन पूजा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए शास्त्री जी ने कहा कि यह कथा भक्ति, समर्पण और प...