शामली, नवम्बर 11 -- नगर के पूर्वी अपना नहर स्थित सिद्ध पीठ मनकामेश्वर महादेव मंदिर के प्रांगण में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह के छठे दिन कथा व्यास ब्रह्मस्वरूपानंद जी महाराज ने श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह के मार्मिक प्रसंग को संगीतमय ढंग से सुनाया। व्यासपीठ पर विराजमान महाराज ने भागवत के रास लीलापरक पांच अध्यायों का विस्तृत वर्णन किया। महाराज ने कहा कि महारास में कुल पांच अध्याय हैं, जिनमें वर्णित पांच गीत भागवत के पंच प्राण के समान हैं। जो भक्त ठाकुरजी के इन पांच गीतों को भावपूर्ण ढंग से गाता है, वह भवसागर पार हो जाता है और उसे वृंदावन की सहज भक्ति प्राप्त हो जाती है। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के मथुराप्रस्थान, कंस वध, महर्षि संदीपनी के आश्रम में विद्या ग्रहण, कालयवन का संहार, उद्धव-गोपी संवाद, उद्धव द्वारा गोपियों को अपना गुरु मानना...
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