कौशाम्बी, फरवरी 2 -- कसेंदा, हिन्दुस्तान संवाद। नेवादा विकास खंड क्षेत्र के किशुनपुर अंबारी गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन सोमवार को जड़ भरत और अजामिल चरित्र, भक्त प्रहलाद की अमर कथा, श्रीराम तथा श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया। इस दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर नजर आए। मथुरा के वृंदावन से पधारे कथावाचक विद्याधर त्रिपाठी ने सरल एवं प्रेरक शैली में इन प्रसंगों को प्रस्तुत करते हुए जीवन में धर्म, भक्ति और सदाचार के महत्व को रेखांकित किया। कथा में जड़ भरत चरित्र के माध्यम से वैराग्य और आत्मज्ञान का संदेश भक्तों को दिया। कथावाचक ने बताया कि राजसी वैभव त्यागकर जड़ भरत ने संसारिक मोह से ऊपर उठकर ब्रह्मज्ञान की साधना की। यह चरित्र मनुष्य को अहंकार, आसक्ति और भौतिक सुखों से दूर रहकर आत्मकल्याण का मार्ग अपनाने की प...