रामपुर, फरवरी 20 -- श्रीमद् भागवत कथा यज्ञ समिति आवास विकास के तत्वाधान में आयोजित भागवत कथा के विश्राम दिवस पर शुक्रवार को कथा वाचक भागवत भूषण पंडित देवव्रत शुक्ल ने भक्तों को महारास की कथा सुनाते हुए बताया कि जीव आत्मा का परमात्मा से मिलन ही महारास है। साथ ही सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि सुदामा जी भगवान श्री कृष्ण के परम मित्र थे,जो अपने पूर्व जन्मों के कारण गरीब ब्राह्मण हुए। सुदामा की पत्नी सुशीला ने अपनी दीन हीन दशा देखकर सुदामा जी को लक्ष्मीपति भगवान श्री कृष्ण के पास भेजा। सुदामा जी भेंट स्वरूप तंदूल लेकर कृष्ण भगवान के पास द्वारका पहुचनें की समाचार पाकर भगवान राजपाठ त्याग कर नंगे पैर भागे चले आए और सुदामा जी की दशा देखकर भगवान कृष्ण बहुत रोए और यहां तक अपने आंसुओं से ही सुदामा के पैर पाखरे सुदामा के दो मुट्ठी चावल खाकर...
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