बाराबंकी, नवम्बर 14 -- सआदतगंज। आचार्य संजय कृष्ण महाराज ने श्रीमद् भागवत महिमा के बारे में वर्णन किया। कहा कि श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करना संसार का सर्वश्रेष्ठ सत्कर्म है, यह भगवान का वांग्मय स्वरूप है, जो जन्म जन्मांतर के पुण्य उदय होने पर प्राप्त होता है। क्षेत्र के मलौली गांव में चल रही सात दिवसीय भागवत कथा के चौथे दिन वे कथा कह रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि हर मनुष्य को समाज में अच्छा काम करना चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है कि कर्म ही प्रधान है, बिना कर्म कुछ संभव नहीं होता है, जो मनुष्य अच्छा कर्म करता है उसे अच्छा फल मिलता है। बुरे कर्म करने वाले को बुरा फल मिलता है। इसलिए सभी को अच्छा कर्म ही करना चाहिए। इस मौके पर राजकुमार शुक्ला, केसरी मिश्रा, आलोक शुक्ला, मीरा देवी सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।

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