सहारनपुर, अगस्त 9 -- डंघेडा में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए बाल कथा व्यास दिव्या किशोरी ने कहा कि गोकुल में बाल सखाओं के साथ खेलते समय नदी में गेंद चले जाने पर श्रीकृष्ण उस नदी में चले गए थे जिसमें रहने वाले कालिया नाग के कारण कोई भी उस तरफ नहीं जाता था। श्रीकृष्ण के नदी में जाने की सूचना मिलते ही गोकुल वासी नदी किनारे एकत्र होकर श्रीकृष्ण के कुशल पूर्वक बाहर निकलने की प्रार्थना करने लगे। नंद बाबा व यशोदा मैया तो श्री कृष्ण के वियोग में जैसे पागल हो गए थे। तभी श्री कृष्ण कालिया नाग के फन पर बैठकर बांसुरी बजाते हुए नदी के बाहर निकले। उन्होंने कालिया नाग के मस्तक पर खड़े-खड़े ऐसा नृत्य किया जिसे देख देवता भी मोहित हो उठे। श्री कृष्ण के आशीर्वाद से कालिया नाग श्राप मुक्त होकर गंधर्व राजकुमार बनकर स...
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