हरिद्वार, जुलाई 7 -- खड़खड़ी स्थित श्री निर्धन निकेतन आश्रम में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन सोमवार को कथा स्थल भक्ति और श्रद्धा से सराबोर रहा। आश्रम के अध्यक्ष स्वामी ऋषि रामकृष्ण महाराज ने श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान की भक्ति ही सबसे बड़ा धन है। जो भक्त सच्चे प्रेम से प्रभु का स्मरण करता है, उसे भगवान बिना मांगे ही सब कुछ दे देते हैं। उन्होंने सुदामा चरित्र का उदाहरण देते हुए कहा कि सुदामा ने कभी कुछ नहीं मांगा, फिर भी भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें राजसी वैभव से भर दिया।
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