बाराबंकी, अगस्त 26 -- रामनगर। केसरीपुर हनुमान मंदिर पर चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथावाचक आचार्य कंचन जी महराज ने भगवान श्रीकृष्ण की अद्भुत बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। उन्होंने पूतना वध प्रसंग सुनाते बताया कि किस प्रकार राक्षसी पूतना ने मां का रूप धारण कर बालकृष्ण को विषपान कराने का प्रयास किया लेकिन भगवान ने उसकी दुष्टता का अंत कर दिया। इस कथा के माध्यम से उन्होंने संदेश दिया कि जब भी अधर्म बढ़ता है तब भगवान अपने भक्तों की रक्षा हेतु अवतार लेते हैं। इसके साथ ही कालिया नाग वध प्रसंग का भी रोचक वर्णन किया। यमुना नदी में फैले विष को समाप्त कर बताया कि श्रीकृष्ण भगवान ने जलचर प्राणियों को नया जीवन दिया और कालिया नाग को परास्त कर उसे वृंदावन छोड़ने का आदेश दिया। इस प्रसंग को सुनकर श्रद्ध...
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