दुमका, अप्रैल 3 -- मसलिया, प्रतिनिधि। मसलिया के लताबड़ गांव में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह के पहला दिन कथा वाचिका भारती किशोरी ने आत्मदेव के पुत्र धंधकारी और गोकर्ण जन्म कथा पर विस्तार पूर्वक व्याख्यान किया। कहा कि सात दिन के कथा सुन प्रेतयोनी में जन्मे धुंधकारी को मुक्ति मिली थी। उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा के महिमा पर विस्तृत वर्णन के पश्चात धुंधकारी व गोकर्ण प्रसंग पर चर्चा करते हुए कहा कि आत्मदेव नाम के एक ब्राह्मण अपनी पत्नी के साथ रहते थे। आत्मदेव बहुत ही ज्ञानी और तेजस्वी थे। उनकी पत्नी का नाम धुंधली था, वह अच्छे घर की होने के बावजूद भी बहुत ही झगड़ालू प्रवृत्ति की थी। आत्मदेव, धुंधली के पास अपार संपत्ति और सारी सुख सुविधाएं होने के बाद भी उनके घर में शांति नहीं थी। बताया कि इसका कारण यह था की दोनों की कोई संतान नहीं थी। आत्मद...
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