सिद्धार्थ, फरवरी 9 -- भनवापुर, हिन्दुस्तान संवाद। श्रीमद्भागवत कथा के श्रवंण मात्र से ही मुक्ति मिलती है। ये बातें क्षेत्र के अंदुआ शनिचरा मे आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिवस शनिवार की रात अयोध्या धाम से पधारी कथावाचिक कनकेश्वरी देवी ने श्रीमद्भागवत कथा के महात्म पर चर्चा करते हुए बताया। कनकेश्वरी देवी ने बताया कि गौकर्ण और धुंधकारी दोनो सगे भाई थे । गोकर्ण धार्मिक प्रवृति और धुंधकारी कुकर्मी प्रवृति का था। माता पिता की मृत्यु के पश्चात गौकर्ण घर की जिम्मेदारी धुंधकारी को दे कर तीर्थ यात्रा पर निकल गया। इधर धुंधकारी अपने प्रवृति के अनुसार बेश्याओं के चक्कर में पड़ गया तथा अपनी सारी संपतियों को उनके पीछे गंवा चुका था। अंत में बेश्याओं ने मिलकर धुंधकारी को उसके ही घर में हत्या कर आंगन में दफना दिया। इधर तीर्थ यात्रा से लौटे गौकर्ण ने भ...