बुलंदशहर, फरवरी 9 -- विमला नगर कॉलोनी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन हिरण्यकश्यप और प्रहलाद की कथा का वर्णन किया गया। जिसमें कथा व्यास कृष्ण गोपाल शासत्री ने कहा कि हिरण्यकश्यप एक असुर था, जिसका बेटा प्रहलाद भगवान विष्णु का भक्त था। प्रहलाद निरंतर भगवान विष्णु की पूजा करते थे। हिरण्यकश्यप ने अपने बेटे को भगवान विष्णु की भक्ति से रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रहलाद ने अपने पिता की बात नहीं मानी। जब हिरण्यकश्यप ने अपने पुत्र की हत्या का प्रयास किया, तो भगवान विष्णु ने नरसिंह भगवान का अवतार लिया। जिसके बाद हिरण्यकश्यप का वध किया। हिरण्यकश्यप के वध की कथा सुन सभी लोगों ने भगवान के जयकारे लगाए। इस दौरान कपिल, जितेंद्र, देवेंद्र, ओमप्रकाश जालौन नाथ आदि मौजूद रहे।

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