भागलपुर, जून 24 -- श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण पूरे श्रद्धा और भक्तिभाव से करना चाहिए। क्योंकि यह कथा बेहद महत्वपूर्ण है। एक ओर यह कथा जीवित व्यक्ति को शिक्षा देती है, वहीं दूसरी ओर भूत प्रेत, मृतात्मा को भी यह कथा मोक्ष दिलाती है। उक्त बातें एकचारी दियारा स्थित कालीमाता मंदिर के समीप चल रहे श्रीमद्भागवत कथा में श्रीधाम वृंदावन से पधारे कथावाचक स्वामी मणि प्रकाश ने कही। उन्होंने धुंधकारी गौकर्ण कथा प्रसंग की विस्तृत व्याख्या की। कथा के बीच-बीच में एक से बढ़कर एक गीत भजनों से माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
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