रांची, दिसम्बर 1 -- रांची, विशेष संवाददाता। मारवाड़ी कॉलेज के संस्कृत और दर्शनशास्त्र विभाग की ओर से सोमवार को गीता जयंती समारोह आयोजित किया गया। इसकी शुरुआत करते हुए कॉलेज के प्राचार्य डॉ मनोज कुमार ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता सिर्फ एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन का शाश्वत मार्गदर्शक है, जो मानव को कर्म, निष्ठा, सत्य और समत्व के माध्यम से कर्तव्यपथ पर स्थिर रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धात्मक और तनावपूर्ण परिवेश में गीता का उपदेश पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक प्रतीत होता है। उन्होंने- कर्मण्येवाधिकारस्ते, का उल्लेख करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन में परिश्रम, अनुशासन, धैर्य तथा कर्तव्यनिष्ठा ही सफलता की वास्तविक कुंजी है। दर्शनशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ शशि शेखर दास ने कहा कि गीता मन, प्रकृति, ऊर्जा और मानव-व्यवहार...
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