बांदा, जनवरी 20 -- बांदा। संवाददाता नरैनी में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के पूर्व कलश यात्रा विभिन्न मार्गों से निकली। मंगलार को क्षेत्र के हजारीपुर बड़ेहा गांव में आयोजित श्रीमदभागवत के कथावाचक पं. पारसनाथ बाजपेई ने बताया कि ईश्वर के प्रति समर्पण से मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग खुलता है। धुंधकारी कथा में इसी रहस्य को उजागर किया गया है। धुंधकारी के आचरणों से परेशान होकर उसके पिता सब कुछ छोड़ कर जंगल चले गए। मां ने आत्महत्या कर ली। धुंधकारी को गलत आचरण के चलते अंत में प्रेतयोनि मिली। बाद में उसके भाई गोकर्ण ने श्रीमद्भागवत कथा का पाठ कर उसे मुक्ति दिलायी। यजमान एवं परीक्षित के रूप में आर. भारतीय, मीरा देवी, शैलेंद्र प्रताप सिंह और अंबरीषकांत रहे।
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