श्रीनगर, नवम्बर 6 -- बैकुंठ चतुर्दशी मेले की दूसरी संध्या पर बुधवार रात्रि को प्रसिद्ध लोकगायिका हेमा नेगी करासी की प्रस्तुतियों ने दर्शकों और श्रोताओं को थिरकने पर मजबूर कर दिया। सांस्कृतिक संध्या का लुत्फ उठाने के लिए भारी संख्या में लोग पहुंचे। हेमा करासी ने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत नंदा देवी पर आधारित जागर गीत, पारंपरिक भक्ति गीत आंछरी.. और नृसिंह जागर.. से की, जिनकी धुनों पर श्रोता भक्ति भाव में डूब गए। इसके बाद करासी ने अमरा बांध.., जाग नंदा.., गिरातोली गिर गेंदुआ.. और मेरी बामणी.. जैसे लोकप्रिय गीत गाए। हेमा करासी के लोकगीतों ने गढ़वाल की सांस्कृतिक धरोहर, देवी परंपरा और लोकजीवन की झलक पेश की। मेयर आरती भंडारी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मेले को भव्य रूप देने की निगम की और से पूरी कोशिश की गई है। आगामी दिनों में ...
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