हरिद्वार, नवम्बर 24 -- उत्तराखंड संस्कृत विवि की ओर से संस्कृत अकादमी में गुरु तेगबहादुर सिंह के 350वें बलिदान दिवस पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन पर मुख्य अतिथि राज्यपाल गुरुमीत सिंह ने कहा कि श्रीगुरु तेगबहादुर का त्याग केवल एक धर्म की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि पूरे मानव समाज की स्वतंत्रता के लिए था। उनका संदेश जन-जन तक पहुंचाना आवश्यक है, तभी समाज में वास्तविक परिवर्तन संभव है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड संस्कृत विवि की गुरु गोविंद सिंह शोधपीठ ने गुरु गोविंद सिंह, चार साहिबजादों और गुरु तेगबहादुर सिंह पर तीन किताबें लिखकर महान कार्य किया गया है। गुरु तेगबहादुर के जीवन से पूरे समाज को बहुत कुछ सीखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि गुरु तेगबहादुर ने सत्य और धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। उस समय समाज में ...
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