सिद्धार्थ, मई 23 -- डुमरियागंज, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के बेनी नगर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान कार्यक्रम के अंतिम दिन बुधवार की रात कथावाचक पंडित राकेश शास्त्री ने सुदामा चरित्र का वर्णन किया। इसे सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाने लगे। कथावाचक ने श्रीकृष्ण-सुदामा प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि जीवन मे मित्रता में बड़ा छोटा का भाव एवं ऊंच नीच का भाव नहीं होना चाहिए, मित्रता का भाव एक समान होता है। उन्होंने बताया कि द्वारिकाधीश भगवान श्रीकृष्ण ने सुदामा के साथ जिस तरह से मित्रता का व्यवहार निभाया, वह हमेशा प्रासंगिक रहेगा। शास्त्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत संपूर्ण सिद्धांतों का निष्कर्ष है। भागवत कथा को सुनने से जन्म-मृत्यु के भय का नाश होता है। यह ग्रंथ भक्ति के प्रवाह को बढ़ाता है। यही नहीं भगवान श्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.