बक्सर, नवम्बर 5 -- प्रवचन हमें यह शिक्षा मिलती है कि मित्रता में कभी धन दौलत आड़े नहीं आती है जन्म, जरा और मृत्यु शरीर के धर्म है, आत्मा के नहीं, आत्मा अजर-अमर फोटो संख्या- 14, कैप्सन- मंगलवार को चरित्रवन में श्रीमद्भागवत कथा सुनती महिलाएं। बक्सर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। चरित्रवन स्थित बुढ़वा शिवजी मंदिर में मंगलवार को सातवें दिन भी भागवत महापुराण कथा का वाचन किया गया। मामा जी के कृपापात्र आचार्य रणधीर ओझा ने श्रीकृष्ण भक्त व बाल सखा, सुदामा चरित्र व शुकदेव द्वारा राजा परीक्षित को दी गई उपदेश का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण व सुदामा की मित्रता समाज के लिए मिसाल है। सुदामा के आने की खबर सुनकर श्री कृष्ण व्याकुल होकर दरवाजे की तरफ दौड़ते हैं। 'पानी परात को हाथ छूवो नाहीं, नैनन के जल से पग धोए।' श्रीकृष्ण अपने बाल सखा सुदामा की आवभ...