मैनपुरी, जून 9 -- ग्राम बसैत में आयोजित भागवत कथा के समापन पर कथावाचक संतोष कुमार शास्त्री ने सुदामा चरित्र की लीला सुनाई। उन्होंने सुदामा की गरीबी और विनम्रता का वर्णन किया वहीं श्रीकृष्ण द्वारा उनके मित्र के प्रति प्रेम और सम्मान के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि पत्नी के कहने पर सुदामा अपने मित्र से मिलने द्वारिका नगरी पहुंचते हैं तो द्वारपाल उन्हें रोक लेते हैं। परंतु श्रीकृष्ण को जब सुदामा के आने की सूचना मिलती है तो वह दौड़े चले आते हैं और उन्हें गले से लगा लेते हैं। उन्हें अपने महल में ले जाकर आदर पूर्वक उनका सम्मान करते हैं। इस दौरान सुदामा-कृष्ण की झांकियां भी प्रस्तुत की गईं। ग्रामीण भक्तों ने आरती के बाद प्रसाद ग्र्रहण किया। इस दौरान आसपास के गांव के लोग भी मौजूद रहे।
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