देहरादून, जनवरी 7 -- अखिल भारतीय देवभूमि ब्राह्मण जन सेवा समिति द्वारा गुरु रोड स्थित मनभावन वैडिंग प्वाइंट में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ में कथा व्यास धीरज बावरा ने कहा कि यदि जीवन में श्री कृष्ण जी जैसा मित्र मिल जाए तो उसका बेड़ा पार हो जाता है। इसका जीता जागता सबूत कृष्ण-सुदामा की मित्रता प्रसंग से लिया जा सकता है। विश्राम दिवस पर कथा व्यास धीरज बावरा ने रुक्मणी विवाह प्रसंग का वर्णन किया। कथा व्यास ने जब रुक्मणी विवाह का प्रसंग सुनाते हुए भजन आओ रे मेरी सखियों मुझे मेहंदी लगा दो..सुनाया तो सभी भक्त अपने-अपने स्थान पर खड़े होकर मगन होकर नृत्य करने लगे। कथा व्यास ने कहा कि कहां राजा श्री कृष्ण और कहां उनके मित्र, लेकिन जब दोनों गले मिले तो ऊंच-नीच का भेदभाव भूल कर मिले। मदद करो तो दूसरे हाथ को पता ना चले, इसी का पालन करते ह...