संभल, जुलाई 8 -- सिंहावली स्थित श्री गोपाल धाम बाबरे बाबा आश्रम में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग भावपूर्ण वातावरण में प्रस्तुत किया गया। भगवान श्रीकृष्ण के अवतरण की इस दिव्य लीला को सुनते ही पंडाल नंद के आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की के जयघोष से गूंज उठा। बालकृष्ण के रूप में एक नन्हे बालक को छपरे में सजाकर जब वासुदेव द्वारा यमुना पार कर गोकुल पहुँचने की झांकी प्रस्तुत हुई, तो श्रद्धालु अपने भावों को रोक न सके। महिलाओं ने थालियों से आरती की और नृत्य करते हुए कृष्ण जन्म की बधाइयाँ दीं। पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। शास्त्री सतीश सत्यम ने कथा सुनाते हुए कहा कि जैसे ही भादों मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को आधी रात के समय श्रीकृष्ण का जन्म हुआ, जेल के ताले स्वयं खुल गए, पहरेदार सो गए और वासुदेव-देवकी बं...
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