बक्सर, फरवरी 9 -- कथा भजन-कीर्तन व संकीर्तन से पूरा पंडाल गुंजायमान रहा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए समुचित व्यवस्था की थी ब्रह्मपुर। प्रखंड क्षेत्र के जवहीं जगदीशपुर में सोमवार को आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का संगम देखने को मिला। कथा व्यास आचार्य त्रिलोकी नाथ तिवारी ने प्रभु श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की दिव्य व मनोहारी लीलाओं का वर्णन किया। जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। आचार्य तिवारी ने श्रीकृष्ण जन्म के उपरांत बाल्यकाल की प्रमुख लीलाओं का उल्लेख करते हुए पूतना वध, शकटासुर मर्दन, त्रिणावर्त वध, माखन चोरी व गोकुल में उनके चंचल व निष्कपट व्यवहार का सजीव चित्रण किया। माता यशोदा के वात्सल्य भाव और नंदबाबा के स्नेहपूर्ण संरक्षण की भी व्याख्या किए। कहा कि प्रभु श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं केवल मनोर...
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