सीवान, दिसम्बर 19 -- जीरादेई, एक संवाददाता । प्रखंड मुख्यालय स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर परिसर में गुरुवार को आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथावाचक आदित्य कृष्ण गुरु ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण महाभारत के सभी चरित्रों के नायक हैं। ऐसा कोई पात्र नहीं है, जिससे किसी न किसी रूप में उनका संबंध न रहा हो। गुरु जी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि वे सिंहासन पर विराजमान सम्राट से लेकर गली-कूचों में रहने वाली ग्वालिनों तक, सभी से समान स्तर पर संवाद करते थे और अपनी नीति व व्यवहार से सबको प्रभावित कर लेते थे। बचपन से लेकर प्रौढ़ावस्था तक उन्होंने जो कार्य किए, वैसा करने की क्षमता अन्य किसी में नहीं थी। वे अपने विरोधियों को परास्त ही नहीं करते ...
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