बस्ती, जनवरी 1 -- हर्रैया। तपसीधाम कसैला में चल रहे संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक आचार्य भास्कर ने श्रीकृष्ण के बाल लीला के साथ गोवर्धन लीला की कथा सुनाकर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। कथा को विस्तार देते हुए आचार्य ने कहा इंद्र को अपनी सत्ता और शक्ति पर घमंड हो गया था। उसका गर्व दूर करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रज मंडल में इंद्र की पूजा बंद कर गोवर्धन की पूजा शुरू करा दी। इससे नाराज इंद्र ने ब्रजमंडल पर खूब बारिश कराई। प्रलय से लोगों को बचाने के लिए भगवान ने कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठा लिया। सात दिनों के बाद इंद्र को अपनी भूल का एहसास हुआ। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं की झांकी सजाई गई। कलाकारों द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के वेश में नृत्य कर लोगों का आनंदित किया। कथा पंडाल में उपस्थित महिलाएं खुद को थिरकने से ...