बदायूं, फरवरी 17 -- कछला, संवाददाता। नगर के वार्ड नंबर आठ मुरावन नगला में भागवत कथा में कथा वाचक नारायण शास्त्री ने श्री कृष्ण की बाल लीला और गोवर्धन पर्वत की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि बृजवासी वर्षा के देवता इंद्र की पूजा करते थे। भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत की पूजा करने के लिए बृजवासियों से कहा और बताया कि गोवर्धन हमें फल, फूल व आश्रय देता है और हमारे पशुओं को चारा देता है, इसलिए हमें गोवर्धन की पूजा करनी चाहिए। इंद्र देव नाराज हो गये और उन्होंने बृज में भारी बरसात कर दी। भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी अपनी कनिष्ठा उंगली पर उठाकर बृजवासियों की रक्षा की और इंद्र के अहंकार को तोड़ दिया। जिसके बाद इंद्र ने भगवान श्रीकृष्ण से माफी मांगी। राधेश्याम मौर्य, रामपाल पाली, शैलेष लोनिया चौहान, करतार सिंह, कृति, राधिका, लोंगश्री, ...