श्रावस्ती, फरवरी 4 -- कटरा। बुधवार को श्रावस्ती में दक्षिणी कोरिया के बुद्ध अनुयाई 520 सदस्य दल बौद्ध भिक्षु की अध्यक्षता में गंध कुटी तथा अंगुलिमाल पर पूजा अर्चना किया। यह दल बुद्ध की तपोस्थली का पैदल भ्रमण कर बुद्धम शरणम गच्छामि, धम्मम शरणम गच्छामि, संघम शरणम गच्छामि का उद्घोष करते हुए भ्रमण किया। श्रावस्ती पहुंचे इस दल के लोगों को संबोधित करते हुए बौद्ध भिक्षु पाम युम ने कहा कि बुद्ध ने सम्यक जीवनयापन को महत्त्व दिया है जिसका अर्थ है जीवन के चार आयामों में संतुलित और नैतिक आचरण करना। उन्होंने मध्यम मार्ग अपनाने की शिक्षा दी जो बुराइयों से बचने और संतुलित जीवन जीने का मार्ग है। सम्यक जीवनयापन में सम्यक दृष्टि, सम्यक संकल्प, सम्यक वाणी, सम्यक कर्म, सम्यक आजीविका, सम्यक प्रयास, सम्यक स्मृति और सम्यक समाधि शामिल हैं। यह जीवन पथ दुःखों से म...