हाथरस, सितम्बर 7 -- हाथरस।हिंदू धर्म में पितृपक्ष को पवित्र समय माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि पितृ लोक से हमारे पूर्वज धरती पर आते हैं। अपने वंशजों द्वारा किए गए तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध से तृप्त होकर आशीर्वाद देते हैं। घर परिवार में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करते हैं। इस बार पितृपक्ष की शुरुआत सात सितंबर से हो रही जो कि 21 सितंबर तक चलेंगे। एक तिथि का क्षय हो रहा है। इसलिए पितृपक्ष पंद्रह दिन का रहेगा। आचार्य सुरेंद्रनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि इस वर्ष पितृपक्ष की विशेषता और भी अनोखी मानी जा रही है क्योंकि इसकी शुरुआत और समापन दोनों ही दिन ग्रहण का साया रहेगा। यह संयोग काफी दुर्लभ माना जाता है। स्वाभाविक रूप से लोगों के मन में प्रश्न उठ रहा है कि क्या ग्रहण का असर श्राद्ध और तर्पण जैसे धार्मिक कार्यों पर ...
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