बिजनौर, जुलाई 18 -- श्रावण मास में दूर दूर से शिव भक्त कांवड में हरिद्वार से गंगा जल लेकर पैदल चलकर जाते हैं। नजीबाबाद से गुजरते हुए आस्था का एक रूप और देखने को मिला जब पुत्र अपने कन्धे पर अपने माता पिता को हरिद्वार की यात्रा कराकर ले जाते हुए मिला। श्रावण मास में दूर-दूर से शिव भक्तों के जत्थे गंगाजल लेने हरिद्वार आते हैं और कावड़ में गंगाजल रखकर पैदल यात्रा करते हुए बम बम भोले के जयकारे लगाते हुए अपने गंतव्य की ओर निकल जाते हैं। यहीं पर आस्था का एक और रूप देखने को मिला जब पुत्र अपने बूढ़े माता-पिता को कावड़ में बैठा कर पैदल तीर्थ यात्रा कराने निकला है। ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया जिला रामपुर के तहसील बिलासपुर निवासी नरेश कुमार ने। नरेश अपने माता-पिता को कावड़ में बैठा कर कंधों पर लेकर पैदल हरिद्वार तक चलकर माता-पिता को तीर्थ के दर्शन कराये...
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