सहारनपुर, अगस्त 24 -- श्री गुरु ग्रंथ साहिब का प्रथम प्रकाश पर्व रविवार को श्रद्धापूर्वक उत्साह के साथ मनाया गया। इस दौरान कीर्तनी जत्थे ने गुरबाणी गायन कर संगत को निहाल किया। गुरुद्वारा श्री गुरु नानक सभा में आयोजित कार्यक्रम में बाबा अजीत सिंह कुतुबपुर ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब संपूर्ण मानवता के ग्रंथ है। कहा कि गुरु अरजन देव ने गुरुओं, विद्वानों, पीरों, फकीरों, भक्तों की वाणी को भाई गुरदास जी से लिखवा कर बाबा बुड्ढा जी को दरबार साहिब अमृतसर का पहला हेड ग्रंथी नियुक्त किया और वर्ष 1606 में आदि श्री गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश कराया। दसवें गुरु गोबिंद सिंह ने गुरु तेग बहादुर की वाणी गुरु ग्रंथ साहिब में दर्ज कर ग्रंथ पूर्ण किया। इस दौरान गुरदयाल सिंह, धर्म सिंह, चंद्रदीप सिंह, अमनदीप कपूर व दशमेश कीर्तनी जत्थे ने गुरबाणी कीर्तन किया...
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