प्रयागराज, दिसम्बर 17 -- प्रयागराज, संवाददाता। श्री रामचरितमानस सम्मेलन समिति की ओर से पथरचट्टी रामलीला कमेटी के परिसर में चल रही नौ दिन सुनिए रामकथा के दूसरे दिन छपरा की कथावाचक प्रिया प्रियदर्शिनी ने रामकथा की महत्ता का बखान किया। उन्होंने कहा कि रामकथा सुनने का अधिकार उसे ही है, जो श्रद्धा और विश्वास के साथ कथा सुने। अयोध्या के पं. मधुसूदन शास्त्री ने भरत के त्याग का वर्णन किया। मिर्जापुर के धर्मराज शास्त्री ने कथा को सर्व सुख प्रदायिनी बताया। उधर दिव्य अध्यात्म राष्ट्र सेवा मिशन की ओर से आयोजित भक्तमाल कथा के दूसरे दिन डॉ. अनिरुद्ध ने कहा कि हरि भजन से ही प्रभु के निकट पहुंचा जा सकता है। इसके अलावा कोई दूसरा मार्ग नहीं है। उन्होंने राजा चित्रकेतु व नारायण भक्ति का प्रसंग भी सुनाया। संचालन राजेश केसरवानी का रहा। इस मौके पर मिशन के संरक...