गाजीपुर, जनवरी 29 -- गाजीपुर। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के गंगा घाट पर श्रध्दालुओं ने गुरुवार को जया एकादशी पर आस्था की डुबकी लगाई। सुबह से ही स्नानार्थियों का हुजूम गंगा तट पर तड़के उमड़ पड़ा। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पहले पतित पावनी गंगा में स्नान किया। इसके बाद देवालयों में दर्शन पूजन कर विधि-भाव से आस्था के फूल अर्पित किए। मौके पर श्रध्दालुओं ने धूप, दीप, अक्षत आदि से पीपल पेड़ की भी विधिवत पूजा की। मान्यता है कि शनि देव की दृष्टि से मनुष्य ही नहीं देवता भी नहीं बच पाते। इसलिए जीवन में शनि देव का आशीर्वाद भी महत्वपूर्ण हो जाता है। पंडित सीताराम उपाध्याय ने बताया कि जया एकादशी को भयनी एकादशी भी कहा जाता है। इस दिन गंगा स्नान और देवी-देवताओं के पूजन किए जाने से पाप का क्षय तो होता ही है। साथ ही उन्हें मोक्ष की प्राप्ति भी होती है।

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