बागपत, अगस्त 29 -- बरनावा के श्री चंद्रप्रभू दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे 41 दिवसीय शांतिनाथ विधान व दशलक्षण पर्व के दूसरे दिन शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने उत्तम मार्दव धर्म की पूजा अर्चना की। विधान में पंडित महेश चंद शास्त्री ने कहा कि अहंकार का त्याग करना ही उत्तम मार्दव धर्म कहलाता हैं। विधान में आंनद जैन, नमन जैन ने शांतिधारा की। इस अवसर पर अध्यक्ष जीवंधर जैन, महामंत्री पंकज जैन, रजनीश जैन, विनेश जैन, संदीप जैन, बादामी जैन, सुनीता जैन, प्रभा जैन, पायल जैन आदि उपस्थित रहे। उधर बिनौली के श्री दिगंबर जैन पुराना मंदिर, सकल समाज बड़ा मंदिर में भी दशलक्षण पर्व के दूसरे पंडित राहुल जैन शास्त्री के निर्देशन जैन समाज के लोगों ने श्रद्धाभाव के साथ उत्तम मार्दव धर्म की पूजा अर्चना की।
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