भभुआ, फरवरी 4 -- भभुआ शहर के फूल कारोबारियों की कमाई पर सूखते स्टॉक की मार भंडारण सुविधा के अभाव में बढ़ रहा घाटा, सरकारी मदद की है आस (बोले भभुआ) भभुआ, नगर संवाददाता। मंदिरों और घरों के देवी-देवताओं पर चढ़ाए जाने वाले फूल और मालाएं श्रद्धा का प्रतीक हैं। लेकिन, इन्हें तैयार कर बाजार तक पहुंचाने वाले मालाकारों की माली हालत चिंताजनक बनी हुई है। भभुआ शहर के माली परिवार वाराणसी से फूल खरीदकर लाते हैं और उसी स्टॉक को दो-तीन दिन तक बेचते हैं। इस दौरान फूलों के सूख जाने से उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। पारंपरिक पेशा होने के बावजूद यह कारोबार अब जोखिम भरा होता जा रहा है। मालाकारों हरिहर, सुनील, परमेश्वर आदि का कहना है कि स्थानीय स्तर पर फूलों की पर्याप्त खेती नहीं होने के कारण उन्हें वाराणसी पर निर्भर रहना पड़ता है। एक बार में अधिक मात्रा में...