मथुरा, दिसम्बर 4 -- मंगल वाद्य, मृदंग, मजीरे आदि की मंगल ध्वनि के मध्य बुधवार की प्रात: श्रृंगेरी पीठ के शंकराचार्य जी ने श्रीकृष्ण-जन्मभूमि से पीठ के लिए प्रस्थान किया। इस अवसर पर शंकराचार्य ने जन्मस्थान की गौशाला पहुंचकर गायों के दर्शन कर उनको जलेबी-प्रसाद खिलाया। तदोपरान्त मंगल ध्वनि एवं श्रद्धालुओं द्वारा पुष्प वर्षा की जा रही थी। शंकराचार्य ने भगवान श्रीकेशवदेवजी के दर्शन के उपरांत मंदिर के प्रांगण में श्रीकृष्ण-जन्मभूमि की महिमा का वर्णन मंदिर में अंकित मंगल 'ऊॅं' चिह्न के सानिध्य में किया। जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि इसी पवित्र स्थान पर दिव्य प्रवचन आज से लगभग 40 वर्ष पूर्व श्रृंगेरी पीठ के तत्कालीन शंकराचार्य अभिनव विद्यातीर्थ महास्वामीगल महाराज एवं उनके उत्तराधिकारी एवं वर्तमान पूज्य शंकराचार्य भारततीर्थ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.