मुंगेर, अगस्त 6 -- मुंगेर, हिन्दुस्तान संवाददाता। बड़े राजा साहब की प्रसिद्ध ठाकुरवाड़ी, प्रेम मंदिर में चल रहे श्रीकृष्ण झूलनोत्सव का दृश्य दसवें दिन मंगलवार की शाम ऐसा था मानो गोकुल स्वयं धरती पर उतर आया हो। राधा-कृष्ण की सुंदर झांकी, फूलों से सजा झूला, मधुर भजन और भक्तों की भक्ति से सारा वातावरण भक्ति रस में डूबा हुआ प्रतीत हो रहा था। मंदिर की सजावट के बीच जैसे ही मंदिर के आंगन में राधे राधे जपो चले आएंगे बिहारी, श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम, और मेरे सांवरे की मुरली बाजे जैसे मधुर भजन गूंजे, तो पूरा वातावरण संगीतमय वातावरण में बदल गया। भजन गायकों ने अपनी कला से राधा-कृष्ण प्रेम को सुरों में पिरो दिया। श्रद्धालु हाथों में मंजीरा और करतल बजाते हुए झूम उठे। मंदिर के हर कोने में तालियों की गूंज और भक्ति की धारा बह रही थी।
हिंदी हिन्दुस...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.