सिमडेगा, फरवरी 16 -- सिमडेगा, प्रतिनिधि। जिले में बेटी पढ़ाओ का नारा सरकारी स्कूलों की चारदीवारी के भीतर दम तोड़ता नजर आ रहा है। जब हमने जिले के 758 सरकारी स्कूलों का डेटा खंगाला और कई स्कूलों की जमीनी हकीकत परखी तो स्थिति बेहद चौंकाने वाली मिली। आंकड़ों के मुताबिक जिले के 6 स्कूल ऐसे हैं जहां शौचालय का नामो-निशान तक नहीं है। लेकिन इससे भी बड़ी चिंता की बात उन शेष 752 स्कूलों की है। जहां शौचालय के ढांचे तो खड़े हैं मगर उनकी स्थिति गंभीर है। अधिकतर स्कूलों में बने शौचालय इतनी जर्जर है कि उनका इस्तेमाल करना किसी सजा से कम नहीं। चाहे सुदूर ग्रामीण इलाका हो या शहर के बीचों-बीच स्थित स्कूल। शौचालयों में साफ-सफाई न के बराबर है। इस गंदगी का सीधा असर बच्चों की सेहत और उनकी पढ़ाई पर पड़ रहा है। गंदे शौचालय और पानी की कमी के कारण अक्सर बच्चे परेशान रह...
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