दरभंगा, फरवरी 8 -- दरभंगा। मिथिला संस्कृत शोध संस्थान का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है। संस्थान के पूर्व पांडुलिपि विभागाध्यक्ष डॉ. मित्रनाथ झा ने परिसर का भ्रमण करने के बाद कहा कि राज्यसभा सांसद संजय झा मिथिला की इस धरोहर को बचाने तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी पहचान फिर से लौटाने की दिशा में समर्पित भाव से काम कर रहे हैं। संस्कृत विवि के स्नातकोत्तर साहित्य विभाग के वरीय प्राध्यापक डॉ. संतोष कुमार पासवान ने कहा कि संस्थान की लगभग 12,500 दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए अविलंब संस्कृत तथा पांडुलिपि से संबद्ध पूर्णकालिक निदेशक के साथ शैक्षिक व प्रशासनिक पदों पर नियुक्ति आवश्यक है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...