प्रयागराज, फरवरी 7 -- केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के गंगानाथ झा परिसर में शनिवार को 'भारतीय ज्ञान परम्परा के विविध आयाम एवं उनके प्रसार के उपाय' विषय पर विशेष परिसंवाद सत्र का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि अपर महाधिवक्ता अशोक मेहता ने शोध कार्य में आने वाली आर्थिक चुनौतियों और उनके समाधान पर प्रकाश डालते हुए भारतीय ज्ञान परम्परा को प्राचीन ग्रन्थों में संचित अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने युवाओं से इस क्षेत्र में जिज्ञासु बनने का आह्वान किया। प्रो. हरिदत्त शर्मा ने साहित्य के माध्यम से भारतीय ज्ञान परम्परा की समृद्धता को रेखांकित किया, जबकि प्रयाग विद्वत परिषद के वीरेन्द्र पाठक ने प्रयागराज के माधव तीर्थ विषय पर हुए शोध कार्य की मौलिकता और प्रमाणिकता पर विशेष बल दिया। निदेशक प्रो. ललित कुमार त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा के माध्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.