कानपुर, जनवरी 13 -- कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ की ओर से भारत बोध: राष्ट्र पुनर्निर्माण हेतु शोध विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि आईआईटी कानपुर के कोटक स्कूल ऑफ सस्टेनेबिलिटी के डीन प्रो. सच्चिदानंद त्रिपाठी ने कहा कि शोध केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह समाधान-उन्मुख, सामाजिक रूप से उत्तरदायी और नीति-प्रासंगिक होना चाहिए। प्रो. त्रिपाठी ने शोध लेखन में मौलिकता, नैतिकता और वैश्विक मानकों के पालन के साथ-साथ भारतीय सामाजिक आवश्यकताओं से जुड़ी स्वदेशी दृष्टि बनाए रखने पर भी जोर दिया। विवि की डीन अनुसंधान एवं विकास डॉ. नमिता तिवारी ने बताया कि विवि एक मजबूत और जीवंत शोध संस्कृति विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। नवोदित शोधकर्ताओं को गुणव...