गुमला, जनवरी 11 -- गुमला, संवाददाता । झारखंड की प्राचीन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर टांगीनाथ धाम की ऐतिहासिक,धार्मिक और सनातनी महत्ता को समझने के उद्देश्य से झारखंड कला सांस्कृतिक शोध संस्थान रंगमंडल व नाट्य अकादमी के शोधकर्ताओं द्वारा एक विशेष शोध व अनुसंधान यात्रा की गई। चैनपुर-डुमरी प्रखंड क्षेत्र में स्थित यह धाम प्राकृतिक रूप से नदी और पर्वत वादियों से घिरा हुआ है। जो इसकी आध्यात्मिक गरिमा को और भी विशिष्ट बनाता है।इस शोध यात्रा में संस्थान के राष्ट्रीय सचिव सह निदेशक डॉ.दीपक प्रसाद के साथ सांस्कृतिक शोधकर्ता डॉ.रंजीत कुमार सिंह, प्रो. शिल्पी व डॉ. मंजूषा पूर्ति शामिल थे। शोध दल ने टांगीनाथ धाम में समय व्यतीत कर मंदिर परिसर प्राचीन शिवलिंगों, त्रिशूल और अन्य ऐतिहासिक अवशेषों का सूक्ष्म अध्ययन किया। शोधकर्ताओं ने स्थानीय ग्रामीणों,...