गया, मार्च 9 -- शेरघाटी प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में जलापूर्ति की करीब दो दर्जन योजनाएं मरम्मत के अभाव में नाकाम पड़ी हैं। कहीं मोटर जली हुई है, तो कहीं स्टार्टर फेल है। कहीं पाइप लिकेज और बोरिंग की समस्या के कारण ग्रामीणों को पानी नहीं मिल रहा है तो कहीं रखरखाव की कमी से दिक्कत बनी हुई है। नल-जल योजना के तहत ग्राम पंचायतों से चंद वर्ष पूर्व इन योजनाओं का कार्यान्वयन किया गया था। इन योजनाओं के कार्यान्वयन पर दो करोड़ रुपये से ज्यादा की धनराशि खर्च हुई थी, इसके बावजूद लोगों को पीने का साफ पानी नहीं मिल रहा है। राज्य सरकार ने पहले ही ऐसी तमाम योजनाओं की देख-रेख और मरम्मत का भार पीएचईडी को दे दिया है। क्या है दिक्कत समदा गांव के टोला हुड़ाही टांड़ के अमूल कुमार, गुड्डू साव, फेकू मांझी और बच्चू मांझी आदि बताते हैं कि पिछले वर्ष नवम्बर में पीएचई...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.