वाराणसी, दिसम्बर 7 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। काशी के युवा गायक और अभिनेता शुभम श्रीतिक ने अपने लोक गायन से दक्षिण भारतीय मेहमानों का दिल जीत लिया। उत्तर भारतीय लोकगीतों के शब्द उनकी समझ में न आए, लेकिन शुभम ने सुरीले संगीत के माध्यम से आत्मीयता का संदेश सहज रूप से पहुंचाया। शनिवार की शाम नमो घाट पर काशी तमिल संगमम 4.0 की पांचवीं सांस्कृतिक संध्या में मणि म्यूजिकल ग्रुप के कलाकारों ने शुभम की अगुवाई में यादगार प्रस्तुति दी। शुभम ने 'गौरी के पुत्र गणेश', 'जिसमें भी अभिमान रहेगा' और 'जय भोले जय भोले शंकर' सहित भावपूर्ण भजनों की प्रस्तुति दी। यशदीप माहेश्वरी ने गिटार, ओमकार सिंह ने हारमोनियम वादन किया, जबकि हिमांशु कुशवाहा (नाल), शिवांश मिश्रा (कीबोर्ड) और चंदन कुमार (पैड) ने संगत की। सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत यश भारती से सम्मानित लोक गा...
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