अलीगढ़, फरवरी 10 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। शुगर थोड़ी नियंत्रित क्या हुई, कई मरीज दवा को अलविदा कह देते हैं। यही लापरवाही बाद में सेहत पर भारी पड़ रही है। एनसीडी क्लीनिक के सर्वे में खुलासा हुआ है कि लगभग आधे मरीज बिना चिकित्सकीय सलाह के इलाज बीच में ही रोक देते हैं, जिसका सीधा असर किडनी पर पड़ रहा है। कम उम्र के लोग भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। मधुमेह यानी डायबिटीज को हल्के में लेना अब खतरनाक साबित हो रहा है। नेशनल नॉन कम्युनिकेबल डिजीज (एनसीडी) क्लीनिक द्वारा किए गए सर्वे में सामने आया है कि शुगर नियंत्रण में आते ही लगभग 48 प्रतिशत मरीज दवाएं छोड़ देते हैं। इस लापरवाही का परिणाम गंभीर किडनी रोगों के रूप में सामने आ रहा है। खासकर 35 से 55 वर्ष आयु वर्ग के मरीजों में खतरा तेजी से बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक वर्ष में क...