नई दिल्ली, फरवरी 13 -- सुप्रीम कोर्ट ने हैदराबाद के उद्योगपति निम्मागड्डा प्रसाद के खिलाफ संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के एक दीवानी फैसले से उत्पन्न प्रवर्तन कार्यवाही में दलीलें सुनीं। अदालत ने संकेत दिया कि यदि देनदार फैसले को चुनौती देना चाहता है तो पर्याप्त सुरक्षा राशि की जरूरत हो सकती है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने दलीलों को आंशिक रूप से सुना और मैट्रिक्स फार्माकॉर्प प्राइवेट लिमिटेड और निम्मागड्डा प्रसाद की ओर से दलीलें सुनने के लिए 25 फरवरी की तारीख तय की। संयुक्त अरब अमीरात की निवेश शाखा 'रास अल खैमाह निवेश प्राधिकरण' (आरएकेआईए) की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि उनके मुवक्किल यूएई की न्यायिक प्रणाली के हर स्तर पर जीत हासिल करने के बावजूद एक भी रुपया वसूल नहीं कर पाए हैं। सिं...